Hapur News : हापुड़ में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को अदालत ने दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी हर्ष पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।
2022 में घर से लापता हुई थी किशोरी
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, 5 मई 2022 की रात उसकी बहन घर में सो रही थी। इसी दौरान वह घर से लापता हो गई। परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को किया था बरामद
पुलिस ने जांच में पाया कि हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के मोहल्ला सोटावाली निवासी हर्ष किशोरी को अपने साथ ले गया था। पुलिस ने हर्ष को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया।
दो धाराओं में मिली अलग-अलग सजा
अदालत ने हर्ष को धारा 363 के तहत 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, धारा 3/4 के तहत 10 साल का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।





