New Delhi : नई दिल्ली में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत एकता दौड़ का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एकता दौड़ का शुभारंभ किया और देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और बंदी संजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। सरदार पटेल ने इतिहास बदला और भूगोल की संरचना भी की। अनेक रजवाड़ों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। आजादी के बाद जब कहा जा रहा था कि भारत बिखर जाएगा, तब उन्होंने महज 1218 दिनों में अखंड भारत की रचना कर असंभव को संभव कर दिखाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इसी वर्ष 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और अब नशामुक्त भारत बनाने की दिशा में काम हो रहा है। 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। विकसित भारत का पहला चरण नशामुक्त भारत ही है, जो युवाओं और उनके भविष्य के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा कि देश की भाषिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता सबसे बड़ी शक्ति है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की संकल्पना भी सरदार पटेल ने की थी, जिसके जरिए सभ्यता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अनुभव हुआ। विपक्ष ने कई वर्षों तक सरदार पटेल को उचित सम्मान नहीं दिया, लेकिन सूर्य के प्रकाश को ढका नहीं जा सकता। नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की परिकल्पना और शिलान्यास कर सरदार पटेल के व्यक्तित्व को देश के सामने स्थापित किया।

