असम के धुबरी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पुलिस टीम ने विशेष खुफिया सूचना को आधार बनाकर जोगोमाया फेरी घाट पर यह अभियान चलाया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सभी लोग एक मशीनी नाव से हटसिंगीमारी की ओर से धुबरी पहुंचे थे। घाट पर नाव से उतरने के कुछ ही समय बाद पुलिस टीम ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।
धुबरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देबाशीष बोराह ने यह जानकारी दी कि पुलिस को इन व्यक्तियों की आवाजाही के संबंध में पूर्व की तुलना में विशेष सूचना मिली थी। सूचना को आधार बनाकर पुलिसकर्मियों को जोगोमाया घाट पर तैनात किया गया था। जैसे ही समूह वहां पहुंचा, पुलिस टीम ने सभी 36 व्यक्तियों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके उपरांत उन्हें धुबरी पुलिस रिजर्व के चाउनी परिसर में ले जाया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, शुरुआती जानकारी में हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान बांग्लादेश के राजशाही डिवीजन के चपाई नवाबगंज जिले के निवासियों के रूप में हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी नागरिकता और पहचान से संबद्ध दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। पुलिस यह भी जानने में जुटी है कि समूह ने भारत में किस रास्ते से प्रवेश किया और धुबरी वहां जाने के लिए किन व्यक्तियों की मदद ली गई थी। जांच पूरी होने के बाद ही उनके प्रवेश और यात्रा से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
प्रारंभिक जांच और सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इन व्यक्तियों का आगे तमिलनाडु के चेन्नई जाने का इरादा था। जांच में मिलान नाम के एक आरोपित बिचौलिए की संलिप्तता भी सामने आई है, जिस पर समूह की यात्रा और आगे के सफर की व्यवस्था कराने का संदेह है। हालांकि, उसकी संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस पहलू की इस पहलू की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों को यह भी पता लगाना है कि समूह के भारत वहां जाने और दूसरे राज्यों तक जाने की योजना के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि सीमा पार कराने के लिए आरोपित बिचौलियों ने प्रति व्यक्ति 15 हजार से 17 हजार रुपये तक वसूले थे। सुरक्षा एजेंसियां इस जानकारी का सत्यापन करने और इसमें शामिल व्यक्तियों का जानने में जुटी हैं। जांच कर रही पुलिस को संदेह है कि नदी के रास्तों का उपयोग कर व्यक्तियों को सीमा पार कराने और फिर देश के दूसरे हिस्सों तक जानेाने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, इस आरोपित नेटवर्क और रकम के ट्रांजैक्शन से जुड़े तथ्यों की जांच अभी चल रही है।
पुलिस टीम ने धुबरी के अन्य फेरी घाटों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि समूह के अन्य संभावित सदस्यों और उनकी आवाजाही में मदद करने वाले व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। वर्तमान में पुलिस दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की मदद से पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।





