Noida Cyber Fraud: ऑनलाइन निवेश के नाम पर चार लोगों से करीब 93 लाख की ठगी
नोएडा। साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन निवेश में मुनाफे का झांसा देकर चार लोगों से करीब 93 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी 37 वर्षीय आशीष दीप वर्मा के मुताबिक जेनिफर स्मिथ नाम की महिला ने उनसे व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क किया। महिला ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्हें दो वेबसाइट के जरिये निवेश करने के लिए कहा। आरोप है कि संबंधित प्लेटफॉर्म पर लाखों यूएसडीटी का बैलेंस दिखाई देने से उन्हें निवेश पर मुनाफा होने का भरोसा हुआ। उनसे करीब 40 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया तो उनसे टैक्स और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर अतिरिक्त रुपये मांगे गए। रकम देने के बाद भी रुपये वापस नहीं मिले। आरोप है कि बाद में उनके वॉलेट का एक्सेस भी बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
नोएडा निवासी वरुण विज ने पुलिस को बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिये लोन और निवेश से जुड़ी सेवाएं देने का प्रस्ताव मिला था। आरोपियों ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे सर्विस फीस, इनकम टैक्स और सिक्योरिटी सहित अलग-अलग मदों में रकम जमा कराई। शिकायत के अनुसार उनसे कुल 29 लाख 44 हजार 292 रुपये ले लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया। पीड़ित को अपनी रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
शहर निवासी 52 वर्षीय हरि प्रकाश शर्मा ने ऑनलाइन निवेश के जरिये अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर रकम लेने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक उनसे आईएमपीएस के माध्यम से पांच लाख 95 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। रकम भेजने के बाद आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। वहीं, सेक्टर-125 निवासी 45 वर्षीय कपिल देव ने बताया कि उन्हें भी ऑनलाइन निवेश में बेहतर रिटर्न का लालच दिया गया था। आरोप है कि इस आधार पर उनसे 17.60 लाख रुपये जमा कराए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। कपिल देव ने यह भी आरोप लगाया कि रकम मांगने पर उन्हें जान से मारने और घर से उठा ले जाने की धमकी दी गई।
साइबर थाना पुलिस ने चारों शिकायतों के आधार पर संबंधित मामलों में केस दर्ज किए। पुलिस अब शिकायतों में दर्ज लेनदेन, बैंक खातों, डिजिटल भुगतान और आरोपियों से जुड़े उपलब्ध विवरण की जांच कर रही है। जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, उन खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने संबंधित बैंक के अधिकारियों से भी संपर्क किया है। किराये के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होने के इनपुट मिले हैं।




