Saturday, 24 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Bulandshahar : बुलंदशहर में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को रौंदा, मौत के बाद चालक गिरफ्तारBulandshahar : बुलंदशहर जेल में 93 वर्षीय विचाराधीन कैदी की मौत, पॉक्सो एक्ट के मामले में था बंदBulandshahar : बुलंदशहर में कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में तृतीय व्हाइट कोट समारोह आयोजितBulandshahar : बुलंदशहर में वृंदावनी दिवाली मेले का शुभारंभ, सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने किया उद्घाटनNaseeruddin Shah Statement: कोलकाता फिल्म संस्थान के छात्रों के समर्थन में उतरे नसीरुद्दीन शाह, भाजपा पर साधा तीखा निशानाLudhiana Dowry Assault: दहेज में थार और बाइक की मांग पूरी न होने पर पति ने पत्नी को सड़क पर घसीटकर पीटा, सीसीटीवी में कैद हुई बर्बरताGangster Arrest USA: अमेरिका के लास वेगास में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया गिरफ्तार, भारत लाने में जुटी हरियाणा एसटीएफTelangana Gang Rape Case: सिद्दीपेट में दशहरा के दिन 15 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में 3 किशोरों समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

Surajkund Diwali Mela: सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजारः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Surajkund Diwali Mela: सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजारः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा यह मेला

रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़, 23 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को साकार करने वाले श्रम साधकों, कारीगरों और कलाकारों को नया बाजार उपलब्ध करवाने का एक सार्थक प्रयास है। इस मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बिना किसी बिचौलिये के सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना और कारीगरों को उनके परिश्रम का उचित लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय उत्पादों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा, तो कारीगरों को नए ग्राहक मिलेंगे और उनके काम को आगे बढ़ाने का उत्साह भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में दिवाली मेले के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

श्री नायब सिंह सैनी ने मेले में आने वाले सभी आगंतुकों और पर्यटकों का स्वागत करते हुए उन्हें करवा चौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस, दीपावली, विश्वकर्मा पूजन, गोवर्धन पूजन, भाई दूज और छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित यह मेला भारतीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रों के खानपान की विविधता को प्रदर्शित करेगा। यहां आने वाले परिवार देश की समृद्ध परंपराओं को करीब से जान सकेंगे और कारीगरों व शिल्पकारों के उत्पादों को खरीदने का अवसर भी प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनभागीदारी से जोड़ना आवश्यक है। इसमें गांव के कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, छोटे दुकानदार और महिला उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूरजकुंड का दिवाली मेला इसी भागीदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि दीपावली की सबसे सुंदर रोशनी वह है, जो हमारे घर के साथ-साथ किसी मेहनतकश परिवार के घर को भी रोशन करे। त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदने से उनके परिवारों की आजीविका को सहारा मिलता है। स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों को अगला काम शुरू करने की ताकत मिलती है, कच्चा माल खरीदने में मदद मिलती है और उनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अपनाने का अर्थ अपने देश की प्रतिभा पर विश्वास करना और उसे आगे बढ़ने का अवसर देना है। भारत में बने अच्छे उत्पादों को अपने जीवन में स्थान देकर हम अपने कारीगरों के कौशल और मेहनत का सम्मान कर सकते हैं। घर की सजावट, पहनावे और त्योहारों के उपहारों में भारतीय हस्तशिल्प को प्राथमिकता देने से कारीगरों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर सांझा बाजार स्थापित किए जा रहे हैं। विपणन और ब्रांडिंग में सहयोग देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाए गए हैं। अब तक प्रदेश में 10 सांझा बाजार बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘स्वाप्न डिजिटल ग्राम बाजार पोर्टल’ और ‘सांझा बाजार सेल्स पोर्टल’ शुरू किए गए हैं। इन पोर्टलों पर पंजीकरण करवाकर कारीगर और स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद ऑनलाइन बेच सकते हैं। ऑनलाइन बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन समूहों के उत्पाद प्रदेशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत अब तक 67641 स्वयं सहायता समूहों से 6 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा जा चुका है। इन समूहों को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सरल ऋण के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 596 करोड़ रुपये की विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। सामुदायिक निवेश निधि की राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती सूरजकुंड शिल्प मेले, कुरुक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और पिंजौर के आम उत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से देश-दुनिया के लोगों को जोड़ती रही है। ऐसे आयोजन स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने और नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर देते हैं। सूरजकुंड दिवाली मेला भी इसी सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने मेले में भाग लेने वाले सभी कारीगरों और आगंतुकों से स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेले और उसके आसपास सफाई रखें, खरीदारी के लिए कपड़े का थैला साथ लाएं तथा भोजन और पानी की बर्बादी से बचें। मिट्टी के दीये और टिकाऊ सजावटी वस्तुओं को अपनाकर त्योहारों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने में योगदान दें। बच्चों को भी इन अच्छी आदतों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि उनके भीतर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो।

विरासत एवं पर्यटन मंत्री ने एनसीआर के लोगों से किया दिवाली मेले में खरीददारी का आह्वान

हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज सूरजकुंड धार्मिक आस्था के केंद्र से लेकर अंतर्राष्ट्ररीय व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। इस वर्ष सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का 20 लाख लोगों ने आनंद लिया जिनमें 50 देशों के पर्यटक भी शामिल थे। इसी तर्ज पर सूरजकुंड दीवाली मेला भी धीरे-धीरे लोगों के दिलों में वही जगह बना रहा है। उन्होंने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लोगों से आह्वान किया कि वे अगले 4 दिन तक यहां लगाई गई 300 दुकानों के माध्यम से दिवाली की खरीददारी करें और मेले का आनंद लें। इससे स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हम सबको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के साथ आगे बढ़ना है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के कार्य को पूर्ण करने में जिसकी जो भूमिका है वह निभानी चाहिए। सूरजकुंड हरियाणा व भारत की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का आधार साबित होगा।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि हरियाणा के राखीगढ़ी में पुरातात्विक महत्व की साइट की खुदाई का कार्य चल रहा है जिसके माध्यम से 10 हजार साल पुरानी सभ्यता को देखने का अवसर मिल रहा है। राखीगढ़ी के माध्यम से सनातन संस्कृति की झलक देखी जा सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक लोग राखीगढ़ी जाकर हजारों साल पुरानी सभ्यता को देखें और उस समय के जीवन को अनुभव करें।

इस अवसर पर फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीन बत्रा जोशी, पूर्व मंत्री श्रीमती सीमा त्रिखा, पर्यटन मंत्री श्री अरविंद शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती रीटा शर्मा, पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, प्रबंध निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, पंकज पूजन रामपाल, विपिन बैंसला, पूर्व विधायक श्री नरेंद्र गुप्ता, सहित प्रदेशभर से आए कारीगर, शिल्पकार, कलाकार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें