UP International Trade Show: ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, 6 देशों की भागीदारी; 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंचेंगे
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन किया जाएगा। इस बार ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधि कारोबारी और निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बेलारूस भी भागीदार देश के रूप में आयोजन में शामिल होगा। आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्योगों और निवेश की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा।
ट्रेड शो में करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। 72 देशों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदारों के आने की संभावना जताई गई है। विदेशी खरीदारों और प्रदेश के कारोबारियों के बीच बी2बी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय कारोबारी सत्र भी होंगे, जिनमें व्यापार और निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन में आने वाले विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए आवास, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता और आगंतुकों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
ट्रेड शो में नोएडा की 16 कंपनियां और संस्थाएं अपने स्टॉल लगाएंगी। इनमें गोदरेज, क्लियो काउंटी, स्काईलाइन, एल्डिको, फायरफॉक्स, ग्रेट वैल्यू और मेक्स समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं। इन स्टॉल के जरिए रियल एस्टेट, कारोबार और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों तथा परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
ट्रेड शो के दौरान उद्घाटन और प्लेनरी कार्यक्रमों के अलावा करीब 20 नॉलेज सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्लोबल सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडटेक और एमएसएमई से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। ओडीओपी निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स के इस्तेमाल और वैश्विक बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दे भी इन सत्रों का हिस्सा होंगे।
इसके अलावा नए श्रम कानूनों, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सड़क सुरक्षा, आयुष वेलनेस और किसान उत्पादक संगठनों यानी एफपीओ को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के जरिए उद्योग, व्यापार, निर्यात और निवेश से जुड़े लोगों को विशेषज्ञ जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
आयोजन के लिए इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के भूतल और दूसरे तल पर करीब 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है। इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के विभिन्न उद्योगों और उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। ओडीओपी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स-आईटी, डिफेंस-एयरोस्पेस, कृषि, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा, टेक्सटाइल और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों के उत्पाद यहां प्रदर्शित होंगे।
आगंतुकों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए पार्किंग क्षेत्रों से एक्सपो मार्ट तक 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाने की तैयारी की गई है। पुलिस और प्रशासन ने यातायात तथा पार्किंग के लिए रूट प्लान तैयार किया है। एक्सपो मार्ट के प्रवेश और निकास स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ फ्रिस्किंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी की जाएगी।
कारोबारी आयोजन के साथ ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट रखे गए हैं। कार्यक्रमों में कथक, पखावज और सितार की प्रस्तुतियों के अलावा भोजपुरी और आल्हा गायन शामिल होगा। राई और थारू लोकनृत्य के जरिए प्रदेश की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
आयोजन स्थल को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पर्याप्त सीसीटीवी निगरानी, पेयजल, स्वच्छता और इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने-अपने स्टॉल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 25 सितंबर से शुरू होने वाले ट्रेड शो में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी तरह तैयार रहें।


