Noida Mobile Snatching Gang: चोरी की बाइक से मोबाइल छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार; 50 से अधिक वारदात का दावा
नोएडा। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर राहगीरों से मोबाइल फोन छीनने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने मंगलवार को गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब दो वर्षों से वाहन चोरी और मोबाइल स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दे रहे थे और अब तक 50 से अधिक घटनाएं कर चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, चोरी की दो बाइक, पांच हजार रुपये, बाइक का लॉक तोड़ने में इस्तेमाल होने वाला स्क्रू और दो चाकू बरामद किए गए हैं।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह के मुताबिक पुलिस को गिरोह के संबंध में गोपनीय सूचना मिली थी। इसके आधार पर सेक्टर-28 की सर्विस रोड पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान 20 वर्षीय आशु कुमार, 19 वर्षीय मन्नू कुमार और 32 वर्षीय नावेद खान के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आशु और मन्नू मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित कनौना गांव के रहने वाले हैं। दोनों वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे। तीसरा आरोपी नावेद खान बुलंदशहर के खानपुर का निवासी है।
पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि गिरोह में आरोपियों की अलग-अलग भूमिका तय थी। आशु और मन्नू चोरी की बाइक लेकर दिल्ली-एनसीआर में निकलते थे और मौका देखकर राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीन लेते थे। वारदात के बाद छीने गए मोबाइल फोन नावेद को सौंप दिए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक नावेद मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। आरोप है कि वह छीने गए मोबाइल फोन या उनके पार्ट्स को बेचकर रकम जुटाता था। वहीं, मन्नू बाइक रिपेयरिंग का काम करता है। चोरी की बाइक और मोबाइल फोन बेचने से मिलने वाली रकम को तीनों आपस में बांट लेते थे।
आरोपियों के कब्जे से चोरी और स्नेचिंग से संबंधित बताए जा रहे 14 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दो बाइक भी मिली हैं। इनमें एक बिना नंबर प्लेट की यामाहा आर-15 और दूसरी स्प्लेंडर बाइक है। पुलिस के मुताबिक स्प्लेंडर बाइक की चोरी का मुकदमा दिल्ली के कालिंदी कुंज थाने में दर्ज है।
पुलिस ने मोबाइल फोन की बिक्री से प्राप्त बताए जा रहे पांच हजार रुपये भी बरामद किए हैं। इसके साथ बाइक का लॉक तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक स्क्रू और दो चाकू मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी स्क्रू की मदद से बाइक का लॉक तोड़ते थे और फिर चोरी की बाइक का इस्तेमाल मोबाइल स्नेचिंग में करते थे।
पुलिस जांच में आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी सामने आई है। आशु कुमार और मन्नू कुमार इंटरमीडिएट तक पढ़े हैं, जबकि नावेद खान हाईस्कूल पास है। पुलिस के मुताबिक आशु और मन्नू बचपन के दोस्त हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आशु कुमार के खिलाफ नोएडा, दिल्ली और बुलंदशहर में कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सेक्टर-20 थाने में चोरी और अवैध हथियार से संबंधित मामले, सेक्टर-24 में स्नेचिंग का मुकदमा और दिल्ली के कालिंदी कुंज थाने में दर्ज मामला शामिल है। इसके अलावा बुलंदशहर के खुर्जा देहात, कोतवाली देहात और सिकंदराबाद क्षेत्र में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
मन्नू कुमार के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें नोएडा के सेक्टर-20 और सेक्टर-24 के अलावा दिल्ली के कालिंदी कुंज थाने से संबंधित मामले शामिल हैं। वहीं, नावेद खान के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें सेक्टर-20, सेक्टर-24 और कालिंदी कुंज के मामलों के अलावा वर्ष 2017 में खानपुर थाने में गंभीर धाराओं में दर्ज एक मुकदमा भी शामिल है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए बुलंदशहर चले जाते थे और करीब एक सप्ताह तक नोएडा वापस नहीं आते थे। मोबाइल स्नेचिंग या वाहन चोरी के दौरान बाइक की नंबर प्लेट भी हटा दी जाती थी, ताकि सीसीटीवी कैमरों या अन्य माध्यमों से उनकी पहचान और वाहन को ट्रेस करना मुश्किल हो सके।
पुलिस अब बरामद 14 मोबाइल फोन और अन्य सामान के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के आधार पर आरोपियों की कथित रूप से अन्य वारदात में संलिप्तता और चोरी का सामान खरीदने या बेचने से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने कुछ अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही पिछले दो वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में हुई मोबाइल स्नेचिंग और वाहन चोरी की घटनाओं से आरोपियों के संबंध की जांच की जा रही है।





