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Farmers Meeting: ग्रेटर नोएडा में किसान एकता महासंघ की बैठक, स्थानीय युवाओं को रोजगार और लंबित मुआवजे का मुद्दा उठा

Farmers Meeting: ग्रेटर नोएडा में किसान एकता महासंघ की बैठक, स्थानीय युवाओं को रोजगार और लंबित मुआवजे का मुद्दा उठा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के मिलक गांव में रविवार शाम किसान एकता महासंघ की बैठक आयोजित की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कसाना के नेतृत्व में हुई बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के साथ क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार दिलाने, लंबित मुआवजे और आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन ने इन मांगों को लेकर जल्द यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।

बैठक का आयोजन रविवार शाम करीब चार बजे किसान एकता महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बलजीत हवलदार के आवास पर किया गया। बैठक की अध्यक्षता राजवीर ठेकेदार ने की, जबकि संचालन संगठन के जिला अध्यक्ष अरविंद सैकेटरी ने किया।

जिला अध्यक्ष अरविंद सैकेटरी ने बताया कि बैठक में विकास परियोजनाओं से प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। किसानों के लंबित मुआवजे का भुगतान, आबादी से संबंधित मामलों का निस्तारण और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा।

पदाधिकारियों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन ली जाती है, इसलिए परियोजनाओं से प्रभावित किसानों और उनके परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए। किसानों से जुड़े लंबित मामलों के कारण लोगों को लंबे समय तक प्राधिकरण और अन्य विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

बैठक में आबादी निस्तारण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि किसानों की आबादी से संबंधित लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा बैठक में विशेष रूप से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक और व्यावसायिक विकास हो रहा है। नई परियोजनाओं, उद्योगों और कंपनियों के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं, जिनमें क्षेत्रीय युवाओं को उचित अवसर मिलना चाहिए।

किसान एकता महासंघ का कहना है कि क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों और विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे विकास का सीधा लाभ उन गांवों और परिवारों तक भी पहुंचेगा, जिनकी जमीन और संसाधनों का उपयोग इन परियोजनाओं के लिए किया गया है।

बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। इसके लिए प्राधिकरण स्तर पर कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने की मांग उठाई गई।

संगठन ने किसानों के लंबित मुआवजे के मामलों को भी जल्द निस्तारित करने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों का मुआवजा लंबित है, उनके मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जल्द भुगतान किया जाना चाहिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों और स्थानीय युवाओं से संबंधित इन सभी मांगों को लेकर किसान एकता महासंघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। इस दौरान अधिकारियों को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संगठन ने यमुना प्राधिकरण से किसानों के लंबित मुआवजे, आबादी निस्तारण और क्षेत्रीय युवाओं के रोजगार से संबंधित मांगों पर प्रभावी कार्रवाई करने की अपील करने का फैसला किया है। पदाधिकारियों ने कहा कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर संगठन आगे की रणनीति पर भी विचार करेगा।

बैठक में पप्पू प्रधान, मास्टर इंद्रपाल सिंह, कर्मवीर भाटी, प्रवीन पहलवान, अमित नागर, रविंद्र नागर, सावित्री देवी, मांगे प्रधान, विकल नागर, गजराज कसाना और बिरम सिंह सहित संगठन के पदाधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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