Bihar : पुल नहीं तो मजबूरी में नदी पार कर रहे ग्रामीण, जान पर बन आई

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Nawada (मृत्युंजय) : गोविंदपुर प्रखंड के पिपरा, डेलुआ, महावरा और शेखूपुर गांव के लोगों के लिए बारिश के दिनों में सकरी नदी जानलेवा बन गई है। नदी में तेज बहाव के बावजूद ग्रामीण, स्कूली बच्चे और बाइक सवार रोजाना डर-डर कर पानी के बीच से होकर आवागमन कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मजबूरी है। आसपास कोई नजदीकी बाजार नहीं है और झारखंड होकर जाने पर प्रति व्यक्ति लगभग 200 रुपये का खर्च आता है। इसलिए शॉर्टकट के लिए लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इसी घाट पर पहले भी हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक आवागमन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बारिश के बाद नदी उफान पर होती है। इसके बावजूद बच्चे स्कूल जाने और लोग काम के लिए इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।

राहत की बात यह है कि महावरा घाट पर 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है। करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल के 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। तब तक इन चार गांवों के हजारों लोगों को हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी होगी।