Begusarai (मृत्युंजय) : जिले में एक वीडियो वायरल होने के बाद कानून व्यवस्था और भीड़तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में एक महिला और एक युवक के साथ भरी पंचायत में अमानवीय व्यवहार किए जाने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि दोनों के साथ मारपीट की गई, कान पकड़वाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और जमीन पर थूक फेंककर कथित तौर पर थूक चटवाया गया।
यह घटना 2 जून 2026 की बताई जा रही है, लेकिन वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला फिर चर्चा में आया है।
पीड़ित महिला ने बलिया थाना में लिखित आवेदन देकर अपने पड़ोस के एक युवक पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर उसके घर में जबरन दुष्कर्म किया। सुबह जब आरोपी खिड़की के रास्ते निकल रहा था तो ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और पंचायत बैठाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। महिला ने आरोप लगाया कि पंचायत में उसे और युवक को कान पकड़वाया गया तथा जमीन पर थूक फेंककर थूक चटवाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।
मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर बलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। महिला ने आवेदन में दुष्कर्म का आरोप लगाया है और पंचायत में किए गए कथित अमानवीय व्यवहार का भी उल्लेख किया है। डीएसपी ने बताया कि महिला ने फिलहाल प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। जांच के दौरान जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले वायरल वीडियो पर बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा था कि यदि वीडियो में दिखाई गई घटना सही है तो यह पूरी तरह अमानवीय है। किसी भी व्यक्ति या भीड़ को कानून अपने हाथ में लेकर किसी को सजा देने का अधिकार नहीं है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
स्थानीय वार्ड पार्षद संजय कुमार ने घटना की पुष्टि की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश रौशन उर्फ मुन्ना, नगर मंडल अध्यक्ष कुंदन किशोर रस्तोगी, बलिया प्रखंड उप प्रमुख सच्चिदानंद पासवान तथा जदयू कार्यकर्ता मो. विलाल ने भी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह दावा भी किया जा रहा है कि वायरल वीडियो में कथित तौर पर थूक चटवाने वालों में नगर परिषद क्षेत्र के एक वार्ड पार्षद के पुत्र की भूमिका है। हालांकि इस दावे की अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





