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Uttar Pradesh : ‘यूथ अड्डा’ के जरिए नई पीढ़ी (Gen Z) को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी योगी सरकार

Lucknow News : आज की जेनरेशन जेड (Gen Z) पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह पीढ़ी नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देखती है। जिन युवाओं का जन्म 1997 के बाद हुआ, वे इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के साथ बड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें केवल रोजगार नहीं, बल्कि अवसर, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और उद्यमिता का पूरा इकोसिस्टम चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बहुत पहले समझ लिया था। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने केवल रोजगार योजनाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाने की सोच के साथ सीएम युवा और यूथ अड्डा जैसी अभिनव अवधारणा को विकसित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इस पहल का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि विचार, कौशल, तकनीक, मार्गदर्शन और बाजार सभी को एक मंच पर उपलब्ध करवा कर युवाओं के लिए उद्यमिता का नया इकोसिस्टम तैयार करना है।

Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार हुआ यूथ अड्डा
आज का युवा केवल ऋण या अनुदान नहीं चाहता। वह चाहता है कि कोई उसके विचार को समझे, बिजनेस मॉडल बनाने में मदद करे, अनुभवी मेंटर्स से जोड़े, बैंकिंग प्रक्रिया आसान बनाए और बाजार तक पहुंच दिलाए। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। यहां बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। यूथ अड्डा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी सेवा वितरण की पारंपरिक सोच को बदलता है। यहां युवा केवल किसी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर का आकांक्षी है, जिसकी जरूरतों के अनुरूप सेवाएं विकसित की गई हैं। यह दृष्टिकोण शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

कॉलेज से सीधे स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर
प्रदेश सरकार ने महसूस किया कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दिनों से ही होनी चाहिए। इसलिए यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है। यहां छात्रों को प्रेरित किया जाता है कि वे डिग्री पूरी होने के बाद केवल नौकरी के लिए आवेदन करने की बजाय यह सोचें कि वे किस समस्या का समाधान कर सकते हैं और उससे किस प्रकार सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। योगी सरकार ने यह भी समझा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी। इसी कारण यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।

सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, पूरे बिजनेस सफर में साथ
यूथ अड्डा केवल प्रशिक्षण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम काफी कम हो सके।

ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस
यूथ अड्डा की अवधारणा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाना है, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूरे वर्ष चलता रहेगा उद्यमिता का अभियान
यूथ अड्डा को केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि वर्षभर सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला, कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम और सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनते हैं, तो इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।

यूपीकॉन निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरी पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत यूपीकॉन द्वारा संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में सहभागी बनाना है।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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