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Punjab : लगभग चार दशकों बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का जालंधर वापस आना पंजाब की खेल जीवंतता को दर्शाता है- मुख्यमंत्री

Jalandhar/Chandigarh : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस साल दिसंबर महीने में जालंधर के ऐतिहासिक रायज़ादा हंसराज स्टेडियम में होने वाली सब-जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की तैयारियों का जायजा लिया। अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अत्याधुनिक इनडोर बैडमिंटन हॉल के निर्माण के लिए 2.14 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान देने की घोषणा की, जिससे प्रदेश भर में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेलों में सफलता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लगभग 44 साल बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप ऐतिहासिक रायज़ादा हंसराज स्टेडियम में वापस आ रही है। उन्होंने कहा, “अंडर-13 श्रेणी की यह चैंपियनशिप पंजाब में बैडमिंटन को बड़ा बढ़ावा देगी और प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत करेगी। पंजाब सरकार नौजवानों की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने नए इनडोर बैडमिंटन हॉल के निर्माण के लिए डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरजीत सिंह वालिया और पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना को 2.14 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने उल्लेख किया, “लगभग छह दशकों में यह पहली बार है जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक स्टेडियम का दौरा किया है, जिसने कई शानदार बैडमिंटन खिलाड़ी पैदा किए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “लोक निर्माण विभाग (पी.डब्ल्यू.डी.) इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगा और टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। निर्माण कार्य अगस्त में शुरू होने की उम्मीद है। मौजूदा चार आउटडोर मल्टीपर्पज कोर्टों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे से लैस विश्व स्तरीय इनडोर बैडमिंटन सुविधा में बदला जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा होने के बाद रायज़ादा हंसराज स्टेडियम में कुल 10 इनडोर बैडमिंटन कोर्ट होंगे, जिससे यह पंजाब का एकमात्र ऐसा खेल मैदान बन जाएगा, जहां इतना बड़ा इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स होगा और यह उत्तर भारत के प्रमुख बैडमिंटन केंद्रों में से एक बन जाएगा।

उन्होंने कहा, “यह उन्नत बुनियादी ढांचा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंटों की मेजबानी करने के लिए पंजाब की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा। इस स्टेडियम को इस साल दिसंबर में सब-जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए चुना गया है, जो लगभग चार दशकों में यहाँ होने वाली पहली राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप होगी।”

अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खिलाड़ियों, कोचों और खेल अधिकारियों से बातचीत की और स्टेडियम में मौजूदा खेल बुनियादी ढांचे का जायजा लिया। उन्होंने बैडमिंटन जगत को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए हर संभव सहयोग देगी और प्रदेश भर में खेल बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कई महान खिलाड़ी पैदा किए हैं और सदियों से खेलों से इसका गहरा संबंध रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे पूजनीय सिख गुरुओं ने खेलों के माध्यम से न केवल आध्यात्मिकता बल्कि शारीरिक तंदुरुस्ती को भी बढ़ावा दिया। श्री गुरु अंगद देव जी ने खडूर साहिब में ‘मल्ल अखाड़ा’ स्थापित किया और खुद कुश्ती और शारीरिक प्रशिक्षण की निगरानी की, जबकि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने नौजवानों को घुड़सवारी और तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया। दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी अपने समय के हर खेल और युद्ध कला (मार्शल आर्ट) में माहिर थे। आज भी पंजाब श्री अनंदपुर साहिब में होला महल्ला के दौरान की जाने वाली पारंपरिक खेलों के माध्यम से अपनी समृद्ध खेल परंपराओं का गर्व के साथ प्रदर्शन करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “खेल बुनियादी ढांचे और एथलीटों के विकास में पंजाब सरकार के निरंतर निवेश ने पहले ही उत्साहजनक परिणाम देना शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाई है।” उन्होंने दोहराया कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने और पंजाब के नौजवानों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं सृजित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेगी।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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