HAL: फार्नबरो एयरशो 2026 में भारत की एयरोस्पेस ताकत दिखाएगा HAL, रक्षा निर्यात और वैश्विक साझेदारी पर रहेगा फोकस

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HAL: फार्नबरो एयरशो 2026 में भारत की एयरोस्पेस ताकत दिखाएगा HAL, रक्षा निर्यात और वैश्विक साझेदारी पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली/बेंगलुरु। भारत की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) 20 से 24 जुलाई तक ब्रिटेन के हैम्पशायर में आयोजित होने वाले फार्नबरो इंटरनेशनल एयरशो 2026 में भारत की रक्षा और एयरोस्पेस क्षमता का दमदार प्रदर्शन करेगी। इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन में एचएएल अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म और तकनीकों को प्रदर्शित करते हुए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।

एचएएल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. करेंगे। इस बार एचएएल ‘इंडिया पैविलियन’ की नोडल एजेंसी की भूमिका निभा रही है। इसके तहत कंपनी अन्य भारतीय रक्षा संगठनों के साथ मिलकर वैश्विक मंच पर भारत के तेजी से विकसित हो रहे रक्षा एवं एयरोस्पेस इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगी।

एयरशो के दौरान एचएएल की दुनिया की कई प्रमुख एयरोस्पेस और रक्षा कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें जीई एयरोस्पेस, सफरान, हनीवेल, ईटन एयरोस्पेस, मार्टिन-बेकर और एमबीडीए जैसी अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। इन बैठकों में विमान निर्माण, एयरो इंजन, एवियोनिक्स, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) और उन्नत विनिर्माण तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

एचएएल अपने प्रदर्शनी स्टॉल पर स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस, अटैक हेलीकॉप्टर प्रचंड, रुद्र, ध्रुव एनजी और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) के मॉडल प्रदर्शित करेगा। इसके साथ ही पहली बार 360-डिग्री डिजिटल विजुअलाइजेशन तकनीक के माध्यम से कंपनी की स्वदेशी उत्पादन क्षमता, आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और रक्षा प्लेटफॉर्म का अनुभव भी आगंतुकों को कराया जाएगा।

एचएएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वसनीय रक्षा विनिर्माण केंद्र और रक्षा निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एचएएल लगातार कार्य कर रही है और फार्नबरो एयरशो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरशो में एचएएल की भागीदारी से न केवल भारतीय रक्षा उद्योग की वैश्विक पहचान मजबूत होगी, बल्कि भविष्य में नई तकनीकी साझेदारियों, निवेश और रक्षा निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे। यह आयोजन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।