Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Punjab : पंजाबी अपनी मातृभाषा पर किसी भी हमले को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे- बलतेज पन्नू

Chandigarh : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने केंद्र की भाजपा सरकार के पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को ज़रूरी और पंजाबी को ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाने के फैसले की निंदा की और इसे पंजाब विरोधी सोच का प्रतीक बताया।

पन्नू ने कहा कि भाजपा लगातार पंजाब के हक और उसकी विरासत पर डाका डालने की कोशिश कर रही है, जिसे राज्य के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

पन्नू ने कहा कि भाजपा के पंजाब विरोधी फैसले हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। चाहे वह पंजाब के गांवों को उजाड़कर बनाए गए चंडीगढ़ को पूरी तरह अपने अधीन करने की साजिश हो, पंजाब यूनिवर्सिटी को हरियाणा के कंट्रोल में लाने की कोशिश हो या बीबीएमबी का मैनेजमेंट केंद्र के हाथों में सौंपने की बात हो, भाजपा ने हर कदम पर पंजाब को कमजोर करने का काम किया है। अब मिलिट्री स्कूलों में पंजाबी भाषा की अहमियत कम करके केंद्र ने अपनी छोटी सोच का एक और सबूत पेश किया है।

उन्होंने साफ किया कि हम किसी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंजाबी भाषा को पंजाब की धरती पर दूसरे नंबर पर धकेलना मंजूर नहीं है। हम अपनी ‘मातृभाषा’ को प्राथमिकता देने वाले लोग हैं और इसके सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक डटकर लड़ने को तैयार हैं। यह फैसला न सिर्फ भाषाई भेदभाव है बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक जड़ों को काटने की गहरी साजिश भी है। पन्नू ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार को इस जनविरोधी और पंजाब विरोधी फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। पंजाबी हमेशा अपनी मातृभाषा के अपमान के खिलाफ एकजुट रहे हैं और भविष्य में भी केंद्र की इन तानाशाही नीतियों का कड़ा विरोध जारी रहेगा।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें