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New Delhi : ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा पिंक कार्ड, डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा

New Delhi : दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी और सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली में रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भी डीटीसी और परिवहन विभाग द्वारा संचालित क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। यह निर्णय दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार ने ट्रांसजेंडर यात्रियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों के सभी रूटों पर मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा उसी प्रकार लागू की जाएगी, जैसे दिल्ली की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली में रहने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए लाभार्थी का दिल्ली का निवासी होना आवश्यक होगा और उसके पास संबंधित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी वैध सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी होना चाहिए। यह प्रमाणपत्र ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट 2019 की धारा 5 और 6 के तहत जारी किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान के प्रमाणपत्र के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन कर सकता है। आवेदन निर्धारित फॉर्म और आवश्यक दस्तावेजों के साथ करना होगा। यदि आवेदक नाबालिग है तो उसके लिए आवेदन उसके माता-पिता या अभिभावक द्वारा किया जाएगा।

निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट आवेदक को ट्रांसजेंडर के रूप में पहचान का प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इस प्रमाणपत्र में व्यक्ति का जेंडर ट्रांसजेंडर के रूप में दर्ज होगा और इसी आधार पर उसके अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में भी जेंडर दर्ज किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उस व्यक्ति की ट्रांसजेंडर पहचान की आधिकारिक मान्यता और अधिकारों का प्रमाण होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का यह निर्णय ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। जब सरकार किसी समुदाय को उसकी गरिमा के साथ स्वीकार करती है और उसे समान सुविधाएं उपलब्ध कराती है, तभी सही अर्थों में समावेशी शासन स्थापित होता है। यह पहल ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ने में मदद करेगी तथा उनके रोजमर्रा के जीवन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करेगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार समाज के हर उस वर्ग के साथ खड़ी है, जिसे लंबे समय तक उपेक्षा, भेदभाव या असुविधा का सामना करना पड़ा है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें हर नागरिक, चाहे वह किसी भी पहचान या समुदाय से जुड़ा हो, खुद को सम्मानित और सुरक्षित महसूस करे। ट्रांसजेंडर समुदाय को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देना इसी व्यापक सोच का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन आसान होगा। साथ ही यह निर्णय समाज में संवेदनशीलता और समानता का सकारात्मक संदेश भी देगा। दिल्ली सरकार आगे भी ऐसी नीतियों और पहलों को प्रोत्साहित करती रहेगी, जो सामाजिक न्याय, समान अवसर और मानवीय गरिमा को मजबूत करें।

पिंक कार्ड के लिए ऐसे करना होगा आवेदन

योजना के अनुसार ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को पिंक कार्ड प्राप्त करने के लिए पहले जिला मजिस्ट्रेट से ट्रांसजेंडर पहचान का सर्टिफिकेट बनवाना होगा। इसके बाद वे जिला मजिस्ट्रेट और एसडीएम कार्यालयों या डीटीसी के चयनित केंद्रों सहित लगभग 50 निर्धारित केंद्रों पर पिंक कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। कार्ड न्यूनतम दस्तावेजों के आधार पर जारी किया जाएगा और इसे लाभार्थी के मोबाइल नंबर तथा आधार से लिंक किया जाएगा।

आधार के माध्यम से आयु (5 वर्ष से अधिक) और दिल्ली निवास की पुष्टि की जाएगी, ताकि पात्रता सुनिश्चित हो सके और डुप्लिकेशन रोका जा सके। पिंक कार्ड मिलने के बाद ट्रांसजेंडर व्यक्ति डीटीसी बसों में महिलाओं की तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इसी स्मार्ट कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान कर यात्रा के लिए भी किया जा सकेगा।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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