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FSSAI License Reform: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, लाइसेंस हुआ स्थायी

FSSAI License Reform: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, लाइसेंस हुआ स्थायी

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार को आसान बनाने और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े नियामकीय सुधारों को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किए गए इन सुधारों के तहत अब Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) के पंजीकरण और लाइसेंस को स्थायी वैधता प्रदान की जाएगी, जिससे कारोबारियों को बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सरकार के अनुसार यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इसके तहत खाद्य कारोबार के पंजीकरण के लिए वार्षिक टर्नओवर सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं राज्य स्तर के लाइसेंस के लिए टर्नओवर की सीमा 50 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। इससे अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों को केंद्रीय लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और छोटे खाद्य कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। लाइसेंस प्रक्रिया में कागजी कार्यवाही कम होगी और कारोबारियों को अनुपालन से जुड़े नियमों को पूरा करने में भी आसानी होगी।

नई व्यवस्था के तहत नगर निगम या टाउन वेंडिंग कमेटी के साथ पंजीकृत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भी सीधे एफएसएसएआई के दायरे में शामिल माना जाएगा। यानी जो विक्रेता स्थानीय निकायों के साथ पंजीकृत हैं, उन्हें स्वतः एफएसएसएआई पंजीकरण प्राप्त माना जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इससे देशभर में करीब 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही सरकार ने जोखिम आधारित डिजिटल निरीक्षण प्रणाली भी लागू की है। इस प्रणाली के माध्यम से उन कारोबारियों पर अनावश्यक निरीक्षण का दबाव कम किया जाएगा जो नियमों का सही तरीके से पालन करते हैं। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से देश में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के साथ-साथ कारोबार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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