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Haryana Budget Session 2026: बजट सत्र में हरियाणा के विकास को मिलेगी नई दिशा, जनकल्याण और सुशासन पर रहेगा फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Budget Session 2026: बजट सत्र में हरियाणा के विकास को मिलेगी नई दिशा, जनकल्याण और सुशासन पर रहेगा फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट: कोमल रमोला
चंडीगढ़ 17 फरवरी-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास की दिशा, जनकल्याण की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को सशक्त आधार प्रदान करेगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कार्यभार संभालते समय जो संकल्प पत्र प्रदेश की जनता के समक्ष रखा था, वह हमारे लिए गीता के समान है। वह सुशासन, पारदर्शिता तथा जनहित के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.मकरंद पांडुरंग व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश जानता है कि भाजपा सरकारों में कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भी अपने संकल्पों को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 19 सितम्बर, 2024 को जारी किए गए संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 वादे पूरे किए जा चुके हैं और 120 वादों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मार्च, 2025 को उन्होंने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। उस बजट वर्ष में 248 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 77 बजट घोषणाएं पूरी कर ली गई हैं और 165 बजट घोषणाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।

2 हजार से ज्यादा मिले अब तक सुझाव

मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया जारी है। पूर्व-बजट परामर्श की परंपरा को निभाते हुए, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ अब तक कुल 13 बैठकें की हैं। इनमें उन्हें 2 हजार 199 सुझाव प्राप्त हुए। इस बार प्रदेश सरकार ने ए.आई. चैटबॉट का नया प्रयोग किया। इसके माध्यम से भी लगभग 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सभी पर मंथन जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कम से कम 4-5 हजार सुझावों को आगामी बजट वर्ष 2026-27 में सम्मिलित करेंगे।

जन भावनाओं के अनुरूप होगा आगामी बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हरियाणा की जनता से वादा है कि आगामी बजट वर्ष 2026-27 न केवल जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को भली-भांति पूरा करेगा, बल्कि उनके परिवारों, गांवों, शहरों, जिलों और समूचे हरियाणा के विकसित भविष्य की सुदृढ़ नींव रखेगा।

उन्होंने हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राजकोष की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य का सकल घरेलू उत्पाद अर्थात् जी.डी.पी. वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रूपये रही है। जबकि गत वर्ष के इन्हीं आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में यह 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रूपये थी। ये आंकड़ें दर्शाते हैं कि वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के मुकाबले राज्य की जी.डी.पी. 12.67 प्रतिश्त की दर से बढ़ी है। 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रतिव्यक्ति आय 3 लाख 58 हजार 171 रूपये रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिव्यक्ति आय 2 लाख 19 हजार 575 रूपये है। हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ी है। वर्ष 2014-15 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 47 हजार 382 रूपये थी। इन आंकड़ों से यह पूर्णतः स्पष्ट होता है कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में लगभग ढाई गुणा की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार के सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 75 हजार 801 करोड़ रुपए था, जबकि वर्ष 2014-15 में यह केवल 61 हजार 904 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में 16 फरवरी, 2026 तक सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 59 हजार 747 करोड़ रूपये है। मार्च माह तक यह आंकड़ा लगभग 2 लाख करोड़ रूपये हो जाएगा, जो कि बजट का लगभग 98 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार टिप्पणियां करता है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर खर्च नहीं कर रही है, लेकिन वे उन्हें बताना चाहेंगे कि प्रदेश सरकार के समय में अर्थव्यवस्था पर हुआ वास्तविक खर्च उनके समय में हुए वास्तविक खर्च से लगभग तीन गुणा है। लगभग 11 विभागों जिनमें पुलिस, परिवहन, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान शामिल हैं, का वर्ष 2025-26 के लिए कुल व्यय 80 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। लगभग 21 विभागों का अब तक का व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है तथा लगभग 18 विभागों का कुल व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 60 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर—पचर थी वो सुझाव दें रहे

मुख्यमंत्री ने इस बीच विपक्ष पर निशाना भी साधा, उन्होंने कहा कि जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर पचर थी, आज वो बाहर बैठ कर सुझाव दें रहे है कि प्रदेश सरकार का अच्छा आर्थिक प्रबंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने राजकोष का कितना अच्छा प्रबंधन कर रही है, यह जानने के लिए राजकोषीय घाटा सबसे उत्तम तरीका है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजकोषीय घाटा तत्कालीन जी.डी.पी. का 2.83 प्रतिशत रहा, जबकि 2014-15 में यह 2.88 प्रतिशत था। ध्यान रहे कि एफ.आर.बी.एम. एक्ट के अनुसार उस समय भी राजकोषीय घाटे की ऊपरी सीमा 3 प्रतिशत थी और आज भी 3 प्रतिशत है। यह तथ्य है कि राजकोषीय घाटा उस समय हमसे अधिक था। हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन का यह पहला परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग (2026-2031) की सिफारिशों के अनुसार हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हुआ है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में 24.52 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि को दर्शाता है।
13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट से राज्यों को केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से में हरियाणा 20वें स्थान पर, 14वें वित्त आयोग में 17वें स्थान पर, 15वें वित्त आयोग में 21वें स्थान पर था। परंतु अब 16वें वित्त आयोग में हरियाणा पहले स्थान पर आ गया है।

विपक्ष बताएं, अगर भरोसा ना बढ़ता तो साधन कैसे मिलते

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों में से हरियाणा की यह बढ़ती हुई हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की मजबूत वित्तीय व प्रभावी नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज सरकार पर जनता का भरोसा केवल बढ़ा ही नहीं है, अपितु इसे एक नई पहचान मिली है। इसी का परिणाम है कि हरियाणा को आगे बढ़ने के निरंतर मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार बेरोजगारी के विषय पर बोलता है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2004—05 में सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में 90.61 लाख लोग कार्यरत थे, जबकि 2014—15 में यह आंकड़ा घटकर 86.93 लाख रह गया था। वर्ष 2023-24 में 110 लाख लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थे। इस प्रकार जहाँ वर्ष 2004-14 के बीच लगभग 3 लाख 68 हजार लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा, वहीं वर्ष 2023-24 तक लगभग 27 लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। यह हमारी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004-14 की अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशों (जीईआर) लगभग 27 प्रतिशत था। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के दौरान यह बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार, वर्ष 2005-14 की अवधि के बीच प्रदेश में लगभग 45 विश्वविद्यालय थे। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के बीच 60 नए विश्वविद्यालय प्रदेश में स्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग द्वारा जारी व्हाइट पेपर के अनुसार राज्य का अपना राजस्व वर्ष 2013-14 में 25 हजार 567 करोड़ रुपए था। जबकि, वर्ष 2024-25 में राज्य का अपना राजस्व बढ़कर 77 हजार 943 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2013-14 की तुलना में वर्ष 2024-25 में लगभग 52 हजार 376 करोड रुपए की वृद्धि हुई है।

आर.बी.आई. के डाटा, एन.एस.एस.ओ. के रोजगार एवं बेरोजगारी सर्वेक्षण तथा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शहरी बेरोजगारी में वर्ष 2004-05 में हरियाणा की रैंकिंग 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17 वें स्थान पर थी। यह वर्ष 2023-24 में सुधरकर 8 वें स्थान पर आ गई। इसी प्रकार ग्रामीण बेरोजगारी में हरियाणा की रैंकिंग वर्ष 2004-05 में 22 वें स्थान पर थी, जो की वर्ष 2023-24 में सुधकर 15 वें स्थान पर आ गई।

विपक्षी हरियाणा में इंड्रस्ट्री बन्द होने का कर रहे दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी इंड्रस्ट्री बन्द करने का दुष्प्रचार करने के साथ साथ हरियाणा की जनता को भयानक सपने दिखाने का काम कर रहे है। विपक्ष ने केवल झूठ की दुकान खोल रखी है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछले कुछ सालों में हरियाणा का औद्योगिक विकास तेज़ी से बढ़ा है और आज राज्य देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में गिना जाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में हरियाणा का औद्योगिक उत्पादन 11.08 लाख करोड़ रूपये रहा, जिससे राज्य देश में चौथे नंबर पर है। यह दिखाता है कि हरियाणा में उद्योगों का आधार मजबूत है। हर फैक्ट्री से होने वाला उत्पादन औसतन 13 हजार 549 लाख रूपये रहा, जो देश के औसत से करीब दोगुणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग एवं श्रमिक के बीच सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक 11 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई। इस तरह का यह पहली मैत्री परिषद है जो किसी राज्य ने बनाई है। इस परिषद का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना और उद्योग एवं श्रमिक परिवार के बीच में समन्वय बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2015 के बाद एमएसएमई सेक्टर ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइ‌याँ दर्ज थीं। इसके बाद वर्ष 2015-2025 की अवधि में उद्यम और उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 20 लाख से अधिक एमएसएमई रजिस्ट्रेशन हुए। रोजगार के मोर्चे पर भी एमएसएमई सेक्टर का योगदान साफ़ दिखता है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच एमएसएमई सेक्टर से करीब 38 लाख नए अवसर बने। इसी दौरान राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार
वर्ष 2018-19 में 10 लाख 16 हजार से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 11 लाख 91 हजार हो गया। आज देश के एमएसएमई इकोसिस्टम में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 प्रतिशत है। उन्होंने कहा ये आंकड़े साफ़ बताते हैं कि एमएसएमई सेक्टर हरियाणा के आर्थिक और औद्योगिक विकास का मुख्य स्तंभ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक कम्पनियों द्वारार रिन्व्यूएबल एनर्जी, एडवासं मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्षेत्रों में लगभग 5800 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्तावित है। अप्रैल, 2024 से मार्च, 2025 के बीच हरियाणा का कुल निर्यात 19.10 बिलियन यू.एस. डॉलर रहा है। यह दर्शाता है कि हमारा राज्य निवेश और निर्यात दोनों क्षेत्रों में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2015 से 2024 तक हरियाणा से कुल 132.13 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात हुआ, इससे पहले 10 वर्षो यानि 2004 से 2014 तक यह केवल 61.60 बिलियन यूएस डॉलर था।

उन्होंने कहा कि 8 अक्तूबर, 2025 को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरक सब्सिडी में 709 करोड़ रूपये की बचत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगामी बजट में सरकार भविष्य विभाग के दृष्टिकोण को अपनाते हुए आगे बढ़ेगी। हरियाणा आज केवल विकास ही नहीं कर रहा, वह 2047 तक विकसित हरियाणा के रोडमैप को भी तैयार कर रहा है।

भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है जनता:

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है। देश के लोगों का बीजेपी में विश्वास है, इसीलिए केंद्र में और हरियाणा में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियां गलत थी। उनके कार्यकाल में गरीब और गरीब तो हो रहा था, साथ ही अमीर भी गरीबी रेखा में आ गए थे। केवल चुनाव जीतने के लिए उनकी तरफ से घोषणाएं कर दी जाती थी। प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार ट्रांसपेरेंसी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत मजबूत है। विपक्ष की विकास को देखने की नजर नहीं है।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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