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उत्तर प्रदेश : प्रशासनिक सुधारों, वित्तीय सुदृढ़ता और समावेशी विकास के सहारे अग्रणी राज्य बना प्रदेश: राज्यपाल

Lucknow News : विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की स्पष्ट तस्वीर सामने रखी। राज्यपाल ने शिक्षा के विस्तार से लेकर आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति, आबकारी राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि और “विकसित भारत” की परिकल्पना तक सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को तथ्यात्मक और संतुलित ढंग से प्रस्तुत किया। अभिभाषण में यह संदेश प्रमुख रहा कि उत्तर प्रदेश अब प्रशासनिक सुधारों, वित्तीय सुदृढ़ता और समावेशी विकास के सहारे देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में मजबूती से खड़ा हो रहा है।

शिक्षा का विस्तार

शिक्षा के क्षेत्र में हुई उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में 6,808 सहायक अध्यापकों और 1,939 राजकीय शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे कुल 8,966 नई नियुक्तियों के माध्यम से शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। विद्यालयों में 778 आईसीटी लैब की स्थापना, 1236 सरकारी माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, 6 नए राज्य विश्वविद्यालयों और 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच, दोनों को नई दिशा दी है।

आकांक्षात्मक जिलों की उड़ान
इसके साथ ही राज्यपाल ने आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि देश के 112 आकांक्षात्मक जिलों में शामिल उत्तर प्रदेश के 8 जिलों विशेषकर बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर और बहराइच ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पोषण जैसे प्रमुख संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार कर समावेशी विकास का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

आबकारी राजस्व में ऐतिहासिक उछाल, वित्तीय सुदृढ़ता को मजबूती
राज्यपाल ने आबकारी राजस्व में दर्ज की गई उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2016–17 में जहां प्रदेश का आबकारी राजस्व मात्र ₹14,273 करोड़ था, वहीं 2024–25 में यह बढ़कर ₹52,573 करोड़ तक पहुंच गया है। सुदृढ़ नीति, पारदर्शी व्यवस्था और प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण के परिणामस्वरूप वर्ष 2025–26 के लिए आबकारी राजस्व को ₹63,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश की वित्तीय मजबूती और राजस्व प्रबंधन की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

विकसित भारत की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य विकास की गति को और अधिक तीव्र करना, प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाना तथा प्रदेश को “विकसित भारत” की परिकल्पना के अनुरूप अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन, संवैधानिक मूल्यों और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले समय में न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा, बल्कि समावेशी, संतुलित और टिकाऊ विकास के प्रभावी मॉडल के रूप में देशभर में अपनी विशिष्ट और प्रेरक पहचान भी स्थापित करेगा।

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संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

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