Tuesday, 27 October 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Haryana Investment: गुजरात दौरे के पहले दिन हरियाणा को 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की निवेशकों से बैठकेंKullu Dussehra 2026: देवी-देवताओं के नजराने में 5% और बजंतरियों के मानदेय में 10% की बढ़ोतरी, मुख्यमंत्री सुक्खू ने की कई घोषणाएंKullu Dussehra: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रघुनाथ मंदिर में शीश नवाया, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना कीKullu Dussehra 2026: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छठी सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की, सतिंदर सरताज की प्रस्तुति ने मोहा मनChandigarh : श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खोला जाना चाहिए; धार्मिक भावना के मामले राजनीति से ऊपर होने चाहिए- मुख्यमंत्रीLucknow : कभी बेटियों का स्कूल जाना था मुश्किल, आज रात दो बजे भी बेखौफ लौटती हैं घर- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथAyodhya : योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव में देश-विदेश की रामलीलाओं का संगम, अयोध्या में 10 से 15 मंचों पर होगा आयोजनLucknow : 22 प्रस्तावों पर योगी कैबिनेट की मुहर, शिक्षा कर्मियों को कैशलेस इलाज से लेकर रोबोटिक्स पार्क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट के फैसले : पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों का होगा स्थायी पुनर्वासन

Lucknow News : प्रदेश सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में रह रहे हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन को लेकर बड़ा एवं मानवीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनपद मेरठ से जुड़े इस प्रकरण को मंजूरी दी गई।

यह मामला जनपद मेरठ की तहसील मवाना के ग्राम नंगला गोसाई का है, जहां पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवार झील की भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से निवास कर रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के अनुसार इन सभी 99 परिवारों का पुनर्वासन जनपद कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील में किया जाएगा। ग्राम भैंसाया में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 11.1375 हेक्टेयर (27.5097 एकड़) भूमि पर 50 परिवारों को तथा ग्राम ताजपुर तरसौली में पुनर्वास विभाग के नाम अंकित 10.530 हेक्टेयर (26.009 एकड़) भूमि पर शेष 49 परिवारों को बसाया जाएगा।

प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। यह भूमि प्रीमियम अथवा लीज रेंट पर 30 वर्ष के पट्टे पर दी जाएगी, जिसे आगे 30-30 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा। इस प्रकार पट्टे की अधिकतम अवधि 90 वर्ष होगी। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विस्थापित परिवारों के सम्मानजनक और सुरक्षित पुनर्वासन को सुनिश्चित करेगा। लंबे समय से अस्थायी हालात में रह रहे इन परिवारों को अब स्थायी ठिकाना और भविष्य की सुरक्षा मिल सकेगी।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें