Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Punjab : भगवंत मान सरकार का फोकस जापान जैसे देशों से ₹500 करोड़ का निवेश पंजाब में लाने पर

Chandigarh News : हाल ही में, पंजाब की राजनीति में एक चौंकाने वाला बयान आया है। कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता की पत्नी ने खुलेआम यह कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि पंजाब में मुख्यमंत्री (CM) बनने के लिए ₹500 करोड़ या उससे अधिक का “सूटकेस” देना पड़ता है। यह बात सुनकर हर पंजाबी के मन में एक ही दर्द भरा सवाल उठता है |जो ₹500 करोड़ देकर CM बनेगा, क्या वह पंजाब के बारे में सोचेगा? एक व्यक्ति इतना बड़ा पैसा क्यों खर्च करेगा? सीधा-सा जवाब है – वसूलने के लिए! जब कोई नेता हजारों करोड़ रुपए खर्च करके कुर्सी हासिल करेगा, तो उसकी प्राथमिकता पंजाब के लोगों की सेवा नहीं, बल्कि अपने लगाए हुए पैसों को कई गुना बढ़ाकर वापस पाना होगी। ऐसे समय में मान सरकार की सादगी, पारदर्शिता और ईमानदार छवि एक आशा की किरण बनकर उभरती है। ना बड़े-बड़े खर्चे, ना भ्रष्टाचार के आरोपों का बोझ—बस सीधा-सादा संदेश, “राजनीति को महलों से निकालकर आम लोगों तक लाना है।”मान सरकार की यह कोशिश कि सत्ता का मतलब शाही ठाठ नहीं बल्कि जनता की सेवा है, आज के माहौल में और भी क़ीमती लगती है। पंजाब को ऐसे ही नेतृत्व की ज़रूरत है—जिसके दिल में जनता हो, जेब में सौदे नहीं। जब कुर्सी खरीदकर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से मिलती है | तभी सत्ता सच में सेवा बनती है।

गरीबों का क्या होगा? क्या ऐसे नेता को आम आदमी की टूटी सड़क, फटे हाल किसान या बेरोजगार युवा की परवाह होगी? नहीं! उनका ध्यान केवल बड़े ठेकों, घोटालों और अपने ‘मालिकों’ की तिजोरियां भरने पर होगा। यह आरोप केवल एक पार्टी पर नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था पर एक काला धब्बा है। यह दिखाता है कि राजनीति अब ‘सेवा’ नहीं, बल्कि ‘सबसे बड़ा निवेश’ बन गई है। यह संस्थागत भ्रष्टाचार का शिखर है। यह सोचकर ही दिल दहल जाता है कि जिस कुर्सी पर बैठकर पंजाब के गुरुओं की धरती के विकास, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की शपथ ली जाती है, क्या उस कुर्सी की कीमत अब ₹500 करोड़ हो गई है? पंजाब की जनता को अब सोचना होगा! हमें ऐसी राजनीति नहीं चाहिए, जहाँ मुख्यमंत्री पद नीलामी में बिकता हो। हमें ऐसा नेता चाहिए जो पैसे से नहीं, बल्कि सेवाभाव, ईमानदारी और कर्मठता से CM बने।

ऐसे में, जब इस तरह के गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो पंजाब में मौजूदा ‘आम आदमी पार्टी’ की भगवंत मान सरकार की ईमानदारी और लोक-कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करना और भी ज़रूरी हो जाता है। एक तरफ ₹500 करोड़ के “सूटकेस” की बात है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान का फोकस जापान जैसे देशों से ₹500 करोड़ का निवेश पंजाब में लाने पर है। ₹500 करोड़ का निवेश पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार और राज्य के लिए विकास लाता है। जबकि ₹500 करोड़ का सूटकेस केवल भ्रष्टाचार और जनता की लूट को बढ़ावा देता है। मान सरकार ने लोगों को एक ईमानदार विकल्प दिया है, जिस पर अभी भी लोगों का भरोसा कायम है। यह सरकार ‘सेवा’ की भावना से काम कर रही है, न कि ‘वसूली’ की भावना से।

अगर राजनीति को स्वच्छ और जन-केंद्रित बनाना है, तो हमें ईमानदार और आम आदमी के लिए काम करने वाली मान सरकार को ही समर्थन देना होगा। ₹500 करोड़ की राजनीति पंजाब को बर्बादी की ओर ले जाएगी, जबकि जनसेवा की राजनीति ही इसे ‘गोल्डन स्टेट’ बना सकती है। ऐसे माहौल में, जहाँ राजनीति को ‘काला धंधा’ बना दिया गया है, हमें मौजूदा भगवंत मान सरकार (AAP) के उस ईमानदार विकल्प की सराहना करनी चाहिए, जो पंजाब की जनता के सामने है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने बार-बार यह साबित किया है कि सत्ता जनता की सेवा के लिए है, किसी के निजी स्वार्थ के लिए नहीं। वे नशा-मुक्त पंजाब, शिक्षा में सुधार और किसानों के हकों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं। यह सरकार 500 करोड़ का निवेश पंजाब में ला रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिले—न कि 500 करोड़ का सूटकेस भरकर जनता को लूटा जाए!

जहाँ एक तरफ ₹500 करोड़ की राजनीति पंजाब को धोखा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ मान सरकार की नीतियाँ यह साबित कर रही हैं कि मुख्यमंत्री की कुर्सी खरीदी नहीं जा सकती, बल्कि यह जनता के विश्वास से जीती जाती है। यह केवल बेहतर होने की बात नहीं है, यह नैतिकता, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही को वापस लाने की बात है। पंजाब ने उस ‘म्यूजिकल चेयर’ वाली राजनीति को नकार दिया है, जहाँ पाँच साल एक पार्टी और पाँच साल दूसरी पार्टी आती थी और दोनों मिलकर राज्य को लूटती थीं। यही सोच नई राजनीति की नींव है—और यही वजह है कि आज कई लोग कह रहे हैं: “मान सरकार—पंजाब की उम्मीद।”

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें