Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Ayodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशनAyodhya : 15 फीट ऊँचे रामरथ पर विराजेंगे जगत के पालनहारीAyodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंगAyodhya : दीपोत्सव में आकर्षण का केंद्र बना सरयू की रेत से तैयार दिव्य दरबारYamuna Mahasangam 2026: नोएडा में पहली बार होगा श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम, 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तटHimachal Government Scheme: चुराह के देहग्रां पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, बैरागढ़ में CBSE स्कूल खोलने और 182 महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणाHimachal CM Visit: मुख्यमंत्री ने देहग्रां में आम परिवार के साथ गुजारी रात, पहाड़ी व्यंजनों का लिया स्वाद

Noida Exam Fraud: सॉल्वर की मदद से परीक्षा पास कर हासिल की नौकरी, फर्जीवाड़े का खुलासा

Noida Exam Fraud: सॉल्वर की मदद से परीक्षा पास कर हासिल की नौकरी, फर्जीवाड़े का खुलासा

नोएडा। सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोनभद्र के ओबरा तापीय परियोजना में कार्यरत एक युवक ने ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर की मदद से पास होकर नौकरी हासिल की थी। अब यह धोखाधड़ी उजागर होने के बाद उसके खिलाफ नोएडा के सेक्टर-58 थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामला प्रकाश में आने के बाद विभाग ने आरोपी को बर्खास्त कर दिया है।

शिकायतकर्ता अधिशासी अभियंता विनोद कुमार पांडेय ने पुलिस को बताया कि वह ओबरा थर्मल परियोजना में कार्यरत हैं। उनके अधीन मिर्जापुर जनपद के अतरौली खुर्द निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह टीजीटू (टेक्निकल ग्रेड-2) के पद पर कार्य कर रहा था। कुछ समय पहले विभाग को गोपनीय शिकायत मिली कि वीरेंद्र ने भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया था और अपने स्थान पर किसी सॉल्वर को परीक्षा देने के लिए भेजा था।

शिकायत की सत्यता जांचने के लिए आंतरिक जांच समिति गठित की गई। जांच में यह बात सामने आई कि वीरेंद्र कुमार सिंह ने 14 जुलाई 2021 को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित आईओएन डिजिटल जोन में परीक्षा दी थी। डिजिटल रिकॉर्ड और बायोमेट्रिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षा में वीरेंद्र स्वयं उपस्थित नहीं था, बल्कि उसकी जगह कोई अन्य व्यक्ति परीक्षा देने गया था।

आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने वीरेंद्र को तुरंत निलंबित कर दिया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने कोतवाली सेक्टर-58 में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के एडीसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि मामला ओबरा से नोएडा ट्रांसफर होकर आया है। पुलिस अब सॉल्वर की पहचान और परीक्षा में सहयोग देने वाले अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल जोन के सर्विलांस और बायोमेट्रिक डेटा से जल्द ही आरोपी सॉल्वर की पहचान कर ली जाएगी।

पुलिस ने यह भी संकेत दिया कि यह मामला किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सॉल्वर के माध्यम से अभ्यर्थियों को पास करवाने में संलिप्त है। जांच टीम अब इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि अन्य संभावित मामलों का भी खुलासा हो सके।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें