ED Raids NRI Housing Loan: एनआरआई हाउसिंग लोन घोटाले में ईडी की बड़ी छापेमारी, अंतरिक्ष और सनशाइन बिल्डर्स के 13 ठिकानों पर तलाशी
प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये के हाउसिंग लोन हासिल करने और मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े संगठित रैकेट के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को देशव्यापी स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के दिल्ली जोनल ऑफिस-II की विशेष टीमों ने एक साथ दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में स्थित कुल 13 प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया। इस छापेमारी की जद में नोएडा के दो सबसे चर्चित और विवादित रियल एस्टेट समूह—’अंतरिक्ष प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘सनशाइन इन्फ्रावेल प्राइवेट लिमिटेड’ सीधे तौर पर आ गए हैं।
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह पूरी आपराधिक जांच कई वाणिज्यिक और राष्ट्रीयकृत बैंकों से विदेशों में रहने वाले एनआरआई नागरिकों के नाम पर फर्जी वेतन प्रमाण पत्र, जाली पासपोर्ट प्रतियां और कूटचरित आईटीआर तैयार कर आवास ऋण हड़पने से जुड़ी है। आरोप है कि दोनों बिल्डर कंपनियों ने अपने एजेंटों और सीए फर्मों के साथ आपराधिक सांठगांठ कर उन एनआरआई नागरिकों के नाम पर लोन स्वीकृत कराए, जिन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके नाम पर नोएडा की आवासीय सोसायटियों में फ्लैट बुक दिखाए गए हैं। बैंकों से डिस्बर्स कराई गई सैकड़ों करोड़ रुपये की लोन राशि को सीधे घर खरीदारों के खातों में भेजने के बजाय बिल्डरों की शेल कंपनियों के खातों में डायवर्ट कर दिया गया और बाद में उसका इस्तेमाल अन्य निजी संपत्तियां खरीदने में किया गया।
शुक्रवार सुबह शुरू हुई इस मैराथन छापेमारी के दौरान ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों बिल्डर समूहों के कॉरपोरेट दफ्तरों, प्रमोटरों के निजी आवासों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के परिसरों से भारी मात्रा में संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज, बैंक लेन-देन की हार्ड डिस्क, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धाराओं के तहत अपराध से अर्जित अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का सही आकलन करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के फॉरेंसिक ऑडिट के बाद संबंधित कंपनियों के निदेशकों और बैंक अधिकारियों को समन जारी कर पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय तलब किया जाएगा।






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