Noida: दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस का बड़ा अभियान, शुरू होगा ‘ऑपरेशन अपराजेय’

Noida: दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस का बड़ा अभियान, शुरू होगा ‘ऑपरेशन अपराजेय’
रिपोर्ट: अमर सैनी
दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में “ऑपरेशन अपराजेय” नामक विशेष अभियान की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की नियमित निगरानी, सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत कमिश्नरेट के सभी थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों का गोपनीय रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस रिकॉर्ड में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, पारिवारिक जानकारी, देखभाल करने वालों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण विवरण शामिल किए जाएंगे ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
योजना के तहत महिला बीट अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में बच्चों, उनके अभिभावकों और केयर टेकर से संपर्क करेंगी। इस दौरान बच्चों की स्थिति, उनकी सुरक्षा और जरूरतों की जानकारी ली जाएगी। यदि किसी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता होगी तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ अस्पतालों में इलाज और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
अभियान के दौरान बच्चों और उनके परिवारों को आपातकालीन सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। पुलिस डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जानकारी देकर उन्हें किसी भी आपात स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही बच्चों की देखभाल करने वाले केयर टेकर का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा और उनका नियमित चरित्र सत्यापन कराया जाएगा ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस ने इस अभियान के तहत ‘नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान’ तैयार करने की भी योजना बनाई है। इसके जरिए आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय समुदाय को बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सहायता, शिकायत और परामर्श के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 8595902539 जारी किया है। प्रारंभिक चरण में 1645 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मैक्स हॉस्पिटल नोएडा और एमिटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चों से संवाद, उनकी जरूरतों को समझने और संवेदनशील मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के तरीके सिखाए जाएंगे।
पूरे अभियान के लिए पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि “ऑपरेशन अपराजेय” के जरिए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण तैयार किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय के समाज में बेहतर जीवन जी सकें।





