Kangra Airport Expansion: दो महीने में तैयार होगी टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट, हिमाचल में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए केंद्र देगा वित्तीय सहायता

Kangra Airport Expansion: दो महीने में तैयार होगी टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट, हिमाचल में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए केंद्र देगा वित्तीय सहायता

शिमला। हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क और विमानन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार, प्रदेश में हेलीपोर्ट निर्माण और शिमला से नियमित हवाई सेवाओं सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार का मामला प्राथमिकता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है और पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए बेहतर हवाई संपर्क जरूरी है। प्रदेश तक हवाई सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से पर्यटकों का आवागमन आसान होगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि कांगड़ा एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। ऐसे में अब परियोजना से जुड़ी अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।

बैठक के दौरान केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने संबंधित अधिकारियों को कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट दो महीने के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के लिए सक्षम सलाहकार नियुक्त करने और निर्धारित समयसीमा के अंदर रिपोर्ट तैयार कराने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट निर्धारित दो महीने की अवधि में पूरी हो जाती है तो कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से परियोजना की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप लागत का यथार्थपरक आकलन करने का भी आग्रह किया।

कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार राज्य सरकार की प्रमुख विमानन परियोजनाओं में शामिल है। सरकार का मानना है कि इसकी क्षमता बढ़ने से कांगड़ा सहित प्रदेश के अन्य पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी और पर्यटन क्षेत्र को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

बैठक में हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे हेलीपोर्ट का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई दूरदराज और दुर्गम इलाकों तक तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलीपोर्ट नेटवर्क का विस्तार आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट केवल पर्यटन और सामान्य यातायात के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि आपदा या अन्य आपात परिस्थितियों में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। दुर्गम क्षेत्रों तक राहत, बचाव और अन्य आवश्यक सेवाएं तेजी से पहुंचाने के लिए मजबूत हवाई नेटवर्क प्रदेश की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने हेलीपोर्ट निर्माण के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग मांगा। इस पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने उड़ान योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में शिमला एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की राजधानी को नियमित और बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने की आवश्यकता केंद्रीय मंत्री के सामने रखी।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने शिमला के लिए नियमित हवाई संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में शिमला एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे की क्षमता के अनुरूप उपयुक्त विमानों के संचालन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के स्थान पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपने का आग्रह किया। राज्य सरकार के अनुसार केंद्रीय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार, शिमला से नियमित विमान सेवाओं और हेलीपोर्ट नेटवर्क के विस्तार को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। विशेष रूप से हेलीपोर्ट नेटवर्क का विस्तार आपात परिस्थितियों में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार और केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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