Farmers Protest: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर तीसरे दिन भी किसानों का धरना, बोले- 10 फीसदी विकसित भूखंड लेकर रहेंगे
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी धरने में हिस्सा लिया और किसानों की मांगों का समर्थन किया।
धरने की अध्यक्षता शांति देवी ने की, जबकि संचालन किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि जिनकी जमीनों का अधिग्रहण कर शहर का विकास किया गया, उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए। किसानों ने साफ किया कि 10 प्रतिशत विकसित भूखंड की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना और प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों पर शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए आकृति चौधरी से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया।
डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि संबंधित मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने हाईकोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की स्वतंत्रता उनका बुनियादी अधिकार है और इसे छीना नहीं जा सकता।
किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि किसानों की जमीनों पर आज ग्रेटर नोएडा शहर विकसित हुआ है, लेकिन उन्हीं किसानों को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से गांवों में फ्लैग मार्च कर किसानों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा ने इस कार्रवाई की निंदा की।
किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन केवल 10 प्रतिशत विकसित भूखंड की मांग तक सीमित नहीं है। किसानों की प्रमुख मांगों में आबादी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण और नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुरूप 20 प्रतिशत भूखंड का प्रावधान लागू करना भी शामिल है।
सोरन प्रधान ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा इन मांगों को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
शुक्रवार को धरना स्थल पर महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में रही। प्रदर्शन में शामिल किसानों और महिलाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और प्राधिकरण से लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।
धरने को उदल आर्य, भूपेंद्र तोमर, मुकेश, अशोक भाटी, जयकरण सिंह भाटी और महेंद्र एडवोकेट समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान पूनम, जोगेंद्री, जयप्रकाश आर्य, पप्पू नागर, बीरी प्रधान, निशांत रावल, बाबा करतार, नरेश नागर और सुंदर भाटी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


