
New Delhi : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी को और सुदृढ़ करने के लिए राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर एवं फलोदी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाया जाए।
बैठक में प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्णय लिया गया। अमित शाह ने कहा कि हर सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड बने। सीमांत क्षेत्रों के नागरिक, राज्य सरकार का तंत्र और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इसके लिए कार्य करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों को जमींदोज करने का निर्देश दिया।
अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और राज्य सरकार के तंत्र के साथ समन्वित सीमा प्रबंधन रणनीति अपनाए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकी वित्तपोषण और अन्य सीमा-पार अपराधों पर शिकंजा कसा जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि वे सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी एवं वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करें। साथ ही बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करें, उनके फंडिंग स्रोतों की जांच करें, म्यूल अकाउंट, फर्जी कंपनियों और फर्जी आधार कार्डों को ट्रैक करें तथा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि जिले, अपराध और नशे की समस्या के स्रोतों, पैटर्न और नेटवर्क का गहराई से अध्ययन कर स्थायी समाधान विकसित करें, ताकि ये समस्याएं दोबारा न पनपें। साइबर अपराधों पर लगाम के लिए 1930 कॉल सेंटर का प्रभावी उपयोग हो और तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जाए।
बैठक के दौरान वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-द्वितीय के सफल एवं प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया गया। इसके माध्यम से अंतिम छोर तक सुशासन को सुदृढ़ करना, आर्थिक अपराधों को रोकना, बुनियादी सुविधाओं की कमी पूरी करना तथा सीमावर्ती जनसंख्या को समर्थन देना सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।





