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Solar Energy Project: रक्षा भूमि पर देश की पहली 250 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी, सीतापुर बनेगा ऊर्जा सुरक्षा का नया केंद्र

Solar Energy Project: रक्षा भूमि पर देश की पहली 250 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी, सीतापुर बनेगा ऊर्जा सुरक्षा का नया केंद्र

 

नई दिल्ली। भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में देश की पहली बड़े पैमाने की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना रक्षा भूमि पर विकसित की जाएगी और इसके माध्यम से रक्षा प्रतिष्ठानों को दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार सीतापुर के पूर्व छावनी क्षेत्र में लगभग 850 एकड़ खाली रक्षा भूमि पर 250 मेगावाट क्षमता का आधुनिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें उन्नत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) भी शामिल होगा, जिससे सौर ऊर्जा का भंडारण कर आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सकेगा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनेगी।

 

यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रक्षा प्रतिष्ठानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। वर्तमान में रक्षा संस्थान पारंपरिक बिजली स्रोतों पर काफी हद तक निर्भर हैं। सौर ऊर्जा परियोजना शुरू होने के बाद स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और पारंपरिक बिजली खरीद पर होने वाला सरकारी खर्च कम होगा।

 

रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह परियोजना देश में रक्षा क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी समर्थन मिलेगा।

 

परियोजना का क्रियान्वयन NTPC Limited द्वारा प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके विकास में रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय तथा रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगे।

 

अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना तकनीकी नवाचार, ऊर्जा भंडारण क्षमता और हरित ऊर्जा के उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद रक्षा क्षेत्र में भविष्य की सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के लिए नया मानक स्थापित होगा।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि सीतापुर सौर ऊर्जा परियोजना रक्षा क्षेत्र में हरित ऊर्जा क्रांति की शुरुआत साबित हो सकती है। इससे न केवल बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि देश के ऊर्जा क्षेत्र में टिकाऊ विकास और पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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